Wednesday, 16 December 2020

दोहावली

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दोहावली























 

1.     निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक या दो  पंक्तियों में  दीजिए

 

(1)  तुलसीदास जी के अनुसार राम जी के निर्मल यश का गान करने से कौन सी चार फल मिलते हैं?

उत्तर:  तुलसीदास जी के अनुसार राम जी के निर्मल यश का गान करने से धर्म, अर्थ, काम,  मौज  फल मिलते हैंl

 


(2)  मन के भीतर और बाहर उजाला करने के लिए तुलसी कौन सा दीपक हृदय में रखने की बात करते हैं?

उत्तर:  मन के भीतर और बाहर उजाला करने के लिए तुलसीदास मणियों से बने दीपक को हृदय में रखने की बात करते हैंl

 

(3)  संत किस की भात नीर _ फिर विवेक करते हैं?

उत्तर:  संत  हंस की भात नीर- क्षीर विवेक करते हैंl

 

(4)  तुलसीदास जी के अनुसार भव सागर को कैसे पार किया जा सकता है?

उत्तर:  तुलसीदास जी के अनुसार ईश्वर को प्रेम करने से, क्षमता रखने से तथा विभिन्न विकारों को छोड़ने से भवसागर पार किया जा सकता हैl

 

(5)  जो व्यक्ति दूसरों के सुख और समृद्धि को देखकर ईर्ष्या से जलता है उसे भाग्य में क्या मिलता है?

उत्तर:  उसे भावे में कुछ नहीं मिलताl

 

(6)  राम भक्ति के लिए गोस्वामी तुलसीदास किसकी आवश्यकता बतलाते हैं?

उत्तर:  रामभक्ति के लिए गोस्वामी तुलसीदास जी परमात्मा पर विश्वास रखने की आवश्यकता बतलाते हैंl

 

(1)  प्रभु तरुतर कपि डार पर, ते किए आपु समानl

तुलसी कहो न राम से, साहिब सील निधानl
प्रसंग:  यह हिंदी पुस्तक से पहले पाठ तुलसीदास में से लिया गया हैl इसमें श्रीराम की बात की गई हैl
व्याख्या:  इसमें श्रीराम के चरित्र की महानता की बात की गई हैl जिन्होंने लक्ष्यों पर रहने वाले वानरों को भी पूरा मान-सम्मान दिया हैl वानरों को हमेशा मान सम्मान मिलना चाहिएl


(2)
सचिव, वैद्य, गुरु तीनि जो, प्रिय बोलहि भयु आसl

राज, धर्म, तन, तीनि कर, होइ बेगिही नासl
प्रसंग:  यह हिंदी पुस्तक से पहले पाठ तुलसीदास में से लिया गया हैl इस धर्म, राज की बात की गई हैl

व्याख्या:  इसमें नीति बताई गई है कि यदि आपका गुरु, वेद या मंत्री किसी लोभ में बात जयों की जयों मान लेते हैं तो समझ लीजिए आपका धर्म, शरीर,या राज्य नष्ट होने वाला हैl